

🟥 हापुड़ से वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया में फैलाई गई झूठी कहानी का खुलासा – पुलिस ने सच्चाई बताकर लगाया अफवाहों पर ब्रेक, सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हुई नाकाम
हापुड़/उत्तर प्रदेश।
सोशल मीडिया एक बार फिर अफवाहों का अखाड़ा बन गया, जब एक घरेलू विवाद के वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर झूठे दावे के साथ पोस्ट किया गया। वीडियो में एक महिला रोती-बिलखती नजर आती है और एक युवक उसके सामने खड़ा है, जिसे लेकर कुछ ट्विटर हैंडल्स ने यह दावा किया कि “हिंदू लड़की को ले जाने वाला मुसलमान युवक अब उसे प्रताड़ित कर रहा है।”
लेकिन इस वायरल वीडियो की सच्चाई इससे बिल्कुल अलग निकली। हापुड़ पुलिस ने इस पूरे प्रकरण पर न सिर्फ तत्काल संज्ञान लिया, बल्कि भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को चेतावनी भी दी। अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से पुलिस ने साफ शब्दों में लिखा:
“कृपया भ्रामक खबर न फैलाएं, महिला को पीटने वाला व्यक्ति उसका पति है और दोनों पति-पत्नी मुस्लिम हैं। यह वीडियो लगभग डेढ़ महीने पुराना है, जिसमें संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच पूरी कर ली गई है। चार्जशीट माननीय न्यायालय भेजी जा चुकी है।“
इस बयान के साथ हापुड़ पुलिस ने न केवल सच्चाई सामने रखी, बल्कि यह भी साफ किया कि सोशल मीडिया पर धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश के तहत वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर भ्रामक दावे किए गए। पुलिस के मुताबिक, यह एक घरेलू हिंसा का मामला था, जिसे साम्प्रदायिक संघर्ष के तौर पर प्रचारित करने की कोशिश की गई।
⚠️ सोशल मीडिया की जिम्मेदारी पर फिर उठा सवाल
यह घटना एक बार फिर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फेक न्यूज और अफवाहों के जरिए समाज में ज़हर घोलने की साजिशों को उजागर करती है। वीडियो वायरल करने वाले खातों ने बिना तथ्य जांचे इसे सांप्रदायिक एंगल देकर हजारों लोगों को गुमराह किया। ट्विटर पर इस वीडियो को 2 लाख से अधिक बार देखा गया और हजारों रीट्वीट हुए। सवाल यह है कि क्या ऐसे हैंडल्स पर कार्रवाई होगी?
🛡️ पुलिस ने दिया सख्त संदेश
हापुड़ पुलिस ने दो टूक कहा है कि झूठी खबरों और सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाले तत्वों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द ही आईटी एक्ट और आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। पुलिस सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग के लिए साइबर सेल को अलर्ट मोड पर रख चुकी है।
🖊️ रिपोर्टर: एलिक सिंह
📺 संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
📜 उत्तर प्रदेश महामंत्री – भारतीय पत्रकार अधिकार परिषद
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